68500 ASISTANTS TEACHER’S SECOND RECURITMENT PROPOSAL IN HINDI.😃

खुशखबरी : 68500 पदों पर अगली शिक्षक भर्ती की तैयारियां शुरू, शासन को प्रस्ताव भेजा

टीईटी 2018 की संशोधित उत्तरकुंजी जारी होने के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद की 68500 पदों पर अगली सहायक अध्यापक भर्ती की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से 6 जनवरी को प्रस्तावित अगली परीक्षा का प्रस्ताव शनिवार को शासन को भेज दिया गया।
लिखित परीक्षा में विवाद होने के कारण अगली परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे जो कि ओएमआर शीट पर होगी।

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सूबे के नौजवानों को तगड़ा झटका दिया हैं, शक्रवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी हैं…यूपी के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रदेश में पहली बार होने जा रही लिखित परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों की नौकरी लगभग पक्की होगी।

 68500 पदों के लिए बीटीसी व समकक्ष डिग्रीधारी और टीईटी या सीटीईटी पास 124938 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यानी एक पद पर दो से भी कम दावेदार हैं।


जाहिर है कि लिखित परीक्षा में 50 से 55 प्रतिशत अभ्यर्थी भी सफल होते हैं तो सभी को नौकरी मिल जाएगी। उत्तर प्रदेश में जुलाई 2011 में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने के बाद सिर्फ बीटीसी व समकक्ष डिग्रीधारियों के लिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने जा रही है।

इतना ही नहीं न्यायालय ने इस मामले में दर्ज FIR पर CBI को फिलहाल कोई भी कार्रवाई करने से भी रोक दिया है।

शासन की ओर से इस परीक्षा केलिए टीईटी रिजल्ट जारी होने के बाद छह दिसंबर से प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही थी। अब सचिव परीक्षा नियामक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से शासन के पास प्रस्ताव भेज देने के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में होने वाली दूसरी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

 शिक्षक भर्ती में परिषदीय विद्यालयों में पूर्व में समायोजित हो चुके शिक्षामित्रों के लिए शिक्षक बनने का यह अंतिम अवसर होगा। सरकार ने शिक्षामित्रों को आश्वासन दिया था कि परिषदीय विद्यालयों से हटाए जाने के बाद उन्हें दो शिक्षक  भर्तियों में मौका दिया जाएगा।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से मई में हुई 68500 शिक्षकों की पहली भर्ती में बड़े पैमाने पर मूल्यांकन में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शासन की ओर से इस बार शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा के जरिए नहीं, बल्कि ओएमआर शीट आधारित होगी। प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों के लिए पहली बार मई 2018 में हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा ओएमआर के बजाय पेन-पेपर मोड में हुई थी।

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन की ओर से अबकी बार यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रश्नों और ओएमआर शीट आधारित होगी। ऐसे में परीक्षा के बाद ओएमआर शीट में छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी।

बढ़ सकती है पदों की संख्या
सुप्रीम कोर्ट की ओर से शिक्षामित्रों का शिक्षकों के पदों पर हुआ समायोजन निरस्त किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों से खाली हुए1.37 लाख पदों को शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिए भरने की घोषणा की थी। सरकार की ओर से पहली किस्त 68500 पदों के लिए मई 2018 में परीक्षा कराई गई थी।

 इसमें 41556 पदों पर ही भर्ती पूरी हो सकी, शेष पद खाली रह गए। सरकार दूसरी शिक्षक भर्ती में परिषदीय विद्यालयों में खाली अन्य शिक्षकों के पदों पर भर्ती कर सकती है। ऐसे में दूसरी शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ सकती है। बेसिक शिक्षा परिषद के सूत्रों का कहना है पदों की संख्या 93 हजार तक हो सकती है।

नियमावली में नहीं हुआ संशोधन, कैसे होगी भर्ती
सरकार ने 6 जनवरी को अगली शिक्षक भर्ती की परीक्षा तिथि पहले ही घोषित कर दी थी। लेकिन अब तक अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन नहीं हुआ है। बगैर संशोधन किए भर्ती पूरी नहीं हो सकती। लिखित परीक्षा की बजाय ओएमआर शीट पर परीक्षा कराने के लिए भी संशोधन जरूरी है। 
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